नई दिल्ली, जनवरी 27 -- इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से हुई मौतों को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर मंगलवार को हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत के सामने यह स्वीकार किया कि अब तक दर्ज 28 मौतों में से 16 मौतें दूषित पानी से जुड़ी पाई गई हैं। इस के बाद हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की पीठ ने कहा कि यह साफ किया जाना आवश्यक है कि शेष मौतों के पीछे क्या कारण रहे और उन्हें दूषित पानी से अलग क्यों माना गया। अदालत ने अगली सुनवाई में प्रत्येक मौत से जुड़ा विस्तृत आधार और प्रमाण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।'लगातार शिकायतें चिंताजनक' कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि भागीरथपुरा से लगातार आ रही दूष...
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