इंदौर, जनवरी 8 -- इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से फैली बीमारी और मौतों के पीछे की एक और बड़ी वजह अब सामने आ गई है। जांच में खुलासा हुआ है कि नर्मदा लाइन में मिल रहा बोरिंग का पानी खुद गंभीर रूप से दूषित था और उसी ने पूरे क्षेत्र में सप्लाई होने वाले पानी को जहरीला बना दिया। बोरिंग के पानी की जांच रिपोर्ट में मल-मूत्र जनित खतरनाक बैक्टीरिया फीकल कोलीफार्म पाए गए हैं। यह वही बैक्टीरिया है, जो हैजा, टाइफाइड, हेपेटाइटिस-ए और डायरिया जैसी जानलेवा बीमारियों का प्रमुख कारण बनता है। मानकों के अनुसार पानी में फीकल कोलीफार्म की मात्रा शून्य (0 प्रतिशत) होनी चाहिए, लेकिन जांच में यह सीमा कई गुना अधिक पाई गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्षेत्र के 60 बोरिंग के पानी के सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 35 सैंपल पूरी तरह फेल निकले। कुछ बोरिंग के पानी में ...