रायबरेली उपमेंद्र सिंह, मार्च 21 -- संगीत दुख को कम करने का साधन ही नहीं है बल्कि के इसके सहारे भटके लोगों को रास्ता भी मिलता है। इसी सोच के साथ जिला कारागार ने निरुद्ध बंदियों को सही रास्ता दिखाने के लिए संगीत को जरिया बनाया है। इंडियन आइडियल की तर्ज पर जेल आइडियल शुरू किया है। कार्यक्रम में बंदियों को संगीत की शिक्षा दी जा रही है। इसके लिए जेल प्रशासन ने लाखों रुपये का साउंड सिस्टम लगवाया है। प्रत्येक रविवार को बंदियों को संगीत की शिक्षा दी जा रही है। जिला कारागार में बंदियों को सुधारने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए तो कई कार्यक्रम चल रहे हैं। मिट्टी के बर्तनों को डिजाइन करने वाले बंदी अब संगीत के माध्यम से आत्म निर्भर बन रहे हैं। जिससे बाहर निकलने के बाद वे अपनी नई जिंदगी नए सिरे से शुरू कर सके। बंदियों को संगीत के माध्यम से आत्मनि...
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