बरेली, दिसम्बर 1 -- फेफड़े एक बार अगर खराब हो जाएं तो धीरे-धीरे मरीज की ऑक्सीजन कम होने लगती है। आखिर में ऐसे मरीजों के लिए लंग्स ट्रांसप्लांट के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है। यह बीमारी वायु प्रदूषण से बढ़ जाती है। कई और कारण भी फेफड़े की बीमारी करते हैं। यह बीमारी अगर फाइब्रोसिस में बदल गई तो कैंसर से भी खतरनाक हो सकती है। इसे इंटरस्टीशियल लंग डिसिज (आईएलडी) कहते हैं। यह जानकारी आईएमए के प्रदेश स्तरीय वार्षिक अधिवेशन यूपीकॉन में दूसरे दिन नोएडा के मेट्रो अस्पताल के वरिष्ट डीएम पर्मोलॉजी डॉ. दीपक तलवार ने दी। डीएम पर्मोलॉजी डॉ. दीपक तलवार ने बताया कि इंटरस्टीशियल लंग डिसिज (आईएलडी) में 200 से अधिक बीमारियां हैं। पहले सभी का इलाज नहीं था लेकिन दवा-संसाधन बढ़ने के बाद अब इसमें कुछ बीमारियों का इलाज अब संभव हो गया है। अब कुछ बायोलाजिकल आए हैं ज...