मेरठ, मई 24 -- मेरठ। चौ.चरण सिंह विवि कैंपस और संबद्ध कॉलेजों में एलएलएम के आंतरिक मूल्यांकन में 70 फीसदी से अंक जांच के दायरे में आएंगे। ऐसा करने पर परीक्षक को यह बताना होगा कि छात्र को 75 फीसदी अधिक नंबर क्यों दिए। कारण बताने के बाद संबंधित छात्र की कॉपी समीक्षा समिति को जाएगी। डीन लॉ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति छात्र की कॉपी की दोबारा जांच करेगी। समिति में एलएलएम कोर्स संचालित करने वाले एडेड या राजकीय कॉलेज का न्यूनतम एक शिक्षक भी अनिवार्य होगा। विवि की इस बाध्यता का सर्वाधिक असर निजी कॉलेजों पर पड़ने जा रहा है। कई कॉलेजों में छात्रों को 90 फीसदी तक अंक देने के मामलों के बाद विवि ने यह नियम लागू कर दिया है। वार्षिक परीक्षाओं की उत्तर कुंजी जारी विवि ने एमए एजुकेशन प्राइवेट, बीए फाइनल रेगुलर-प्राइवेट, बीएससी फाइनल रेगुलर के विभि...
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