प्रयागराज, जनवरी 19 -- पंचतत्व संस्था की ओर से मेला क्षेत्र में 'वॉटर वुमन' शिप्रा पाठक के नेतृत्व में पदयात्रा निकाली गयी। यात्रा में शामिल संत-महात्माओं ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। पदयात्रा हर्षवर्धन मार्ग स्थित पर्यावरण शिविर से पांटून पुल नंबर चार तक निकाली गई। इस मौके पर शिप्रा पाठक ने कहा कि यदि त्रिवेणी की धारा ही स्वच्छ और सुरक्षित नहीं रहेगी तो आने वाले समय में कल्पवास, माघ मेला और महाकुम्भ की परंपरा कैसे जीवित रह पाएगी। आस्था को बचाना है तो प्रकृति को बचाना होगा। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के बिना न तो संस्कृति सुरक्षित रह सकती है और न ही परंपराएं। पदयात्रा के दौरान लोग हाथ में पौधे लेकर चल रहे थे। भैरव मठ के महंत स्वामी शृंगेरी ने कहा कि जल है तो कल है।

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