गिरडीह, फरवरी 14 -- पीरटांड़, प्रतिनिधि। आदिवासियों का आस्था का केंद्र मरांग बुरु पारसनाथ की देश भर में पहचान बन रही है। आदिवासी परंपरा अनुसार दिशोम मांझी थान व जुग जाहेर की पूजा पाठ होती है। दिशोम मांझी थान के प्रति बढ़ती आस्था के साथ पूजनीय स्थल का कायाकल्प भी हो रहा है। बाहा पर्व को लेकर दिशोम मांझी को आकर्षक रूप सजाया जा रहा है। प्रकृति के पुजारी क्षेत्र के आदिवासी के साथ राजनीतिक दल के भी शीर्ष नेता भी समय समय पर दिशोम मांझी में दर्शन वंदन को पहुंचते हैं। बतला दें कि मरांग बुरु पारसनाथ न केवल जैन अनुयाइयों के लिए सबसे बड़ा तीर्थस्थल है बल्कि आदिवासियों के लिए भी आस्था का केंद्र है। जैन धर्म के चौबीस में से बीस तीर्थंकरों की निर्वाण भूमि मरांग बुरु पारसनाथ आदिवासियों के लिए भी पूजनीय स्थल माना जाता है। एक ओर जहां जैन धर्मावलंबी निर्वाण भ...