अंबेडकर नगर, मार्च 22 -- अम्बेडकरनगर, संवाददाता। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने भक्तों का उद्धार व पृथ्वी को आसुरी शक्तियों से मुक्त करने के लिए अवतार लिया था। जब जब पृथ्वी पर धर्म की हानि होती है, तब तब प्रभु अवतरित होकर पृथ्वी के भार को दूर करते हैं। यह विचार भीटी तहसील क्षेत्र के सुबरहा में चल रही श्रीमदभागवत कथा में श्रोताओं को कथा का रसपान कराते हुए कथावाचक पंकज शास्त्री ने प्रकट किया। कथावाचक ने कहा कि अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी, तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। सात संतानों के बाद जब देवकी गर्भवती हुई, तो उसे अपनी इस संतान की मृत्यु का भय सताता रहता है। भगवान की लीला वे स्वयं ही समझ सकते हैं। कथा में आलोक पांडेय, लालजी पांडेय, डॉ विजयकांत दुबे, विवेकानन्द तिवारी, दीपक दुबे, भवानी प्रसाद पांडेय, लक्ष्मीकांत पांडेय, दिवाकर व ...
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