किशनगंज, फरवरी 21 -- किशनगंज। संवाददाता कालाजार जैसी जानलेवा आज भी ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है। यह रोग न केवल लंबे समय तक बुखार और कमजोरी का कारण बनता है, बल्कि समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसी गंभीरता को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार की मंशा है कि कालाजार का पूर्ण उन्मूलन किया जाए और इसके लिए रणनीति का सबसे मजबूत आधार समुदाय स्तर पर समय रहते पहचान और उपचार को बनाया गया है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि जब तक गांव-गांव, घर-घर संदिग्ध मरीजों की पहचान नहीं होगी, तब तक कालाजार पर निर्णायक जीत संभव नहीं है। इसी सोच के तहत ठाकुरगंज प्रखंड में ग्रामीण चिकित्सकों एवं आशा दीदियों को कालाजार रोगी खोजी अभियान का विशेष प्रशिक्षण दिया गया, ताकि ग्रामीण इलाकों में बीमारी को शुरुआती स्त...
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