नई दिल्ली, जनवरी 1 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने निप्पॉन स्टील कॉरपोरेशन के एक पेटेंट आवेदन खारिज करने वाले पेटेंट कार्यालय का आदेश रद्द कर दिया। यह आवेदन हाई-स्ट्रेंथ स्टील शीट व उसकी निर्माण विधि से संबंधित था। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि रोजगार अनुबंध पेटेंट के लिए आवेदन करने के अधिकार का वैध प्रमाण हो सकता है, भले ही संबंधित आविष्कारक का निधन हो चुका हो। न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि पेटेंट कार्यालय ने यह मानकर गंभीर गलती की कि निप्पॉन स्टील अपने प्रूफ ऑफ राइट यानि पेटेंट के लिए आवेदन करने के कानूनी अधिकार को स्थापित करने में विफल रहा। पीठ ने कार्यालय के इस तथ्य को भी गलत ठहराया कि रोजगार अनुबंध को ऐसे अधिकार का प्रमाण नहीं माना जा सकता। पीठ ने कहा कि पेटेंट कानून के तहत प्रूफ ऑफ राइट का अर्थ ऐसे दस्तावेजों से है, जिन...