गढ़वा, जून 29 -- चिनिया, प्रतिनिधि। प्रखंड मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा पशुओं के आतंक से किसान त्राहिमाम कर रहे हैं। आमतौर पर गर्मी शुरू होते ही पशुपालकों द्वारा मवेशियों को खुला छोड़ दिया जाता है। उससे किसान गर्मी का फसल की खेती नहीं कर पाते हैं। वहीं मानसून शुरू होने और आद्रा नक्षत्र चढ़ने के बाद भी क्षेत्र के किसान आवारा पशुओं के कारण धान या मकई का फसल नहीं लगा पा रहे हैं। किसान डर से नहीं लगा रहे हैं कि आवारा मवेशियों से उनका फसल नहीं बच पाएगा। मालूम हो कि प्रखंड की अर्थव्यवस्था अन्य क्षेत्रों की तरह ही मानसून पर आश्रित है। उसके अलावा क्षेत्र में उद्योग धंधा नहीं होने के कारण कृषि कार्य से ही जीविकोपार्जन करते हैं। यह इलाका हाथियों के आतंक से भी त्रस्त है। फसलों को हाथी भी नुकसान पहुंचाते हैं। कुल मिलाकर स्थानीय किसान जंगल...
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