हजारीबाग, जनवरी 8 -- हजारीबाग , जिला प्रतिनिधि । आवारा कुत्तों और मवेशियों की बढ़ती समस्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद हजारीबाग जिले में जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं।नगर निगम की प्रशासनिक तैयारियां अब भी आंशिक हैं और फैसलों के क्रियान्वयन में स्पष्ट सुस्ती दिखाई दे रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, डिपो और खेल परिसरों को घेराबंदी कर सुरक्षित किया जाना था। लेकिन हजारीबाग शहर के सदर अस्पताल, बस स्टैंड, स्टेडियम और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में आज भी आवारा कुत्ते खुलेआम घूमते नजर आते हैं। रेलवे स्टेशन परिसर में यात्रियों ने बताया कि रात के समय कुत्तों का झुंड डर का कारण बनता है। घेराबंदी, निगरानी और नियमित जांच की व्यवस्था फिलहाल प्रभावी नहीं दिख रही है। सब...