हाथरस, नवम्बर 8 -- आवारा कुत्तों का आंतक इतना है कि छोटे बच्चे व वृद्ध लोग अकेले घर से बाहर नहीं जा सकते। कुत्तों के हमलों से प्रतिदिन लोगों को जख्म मिल रहे है। इन आवारा कुत्तों को पकड़वाने के लिए कोई ठोस योजना आज तक जिम्मेदार अधिकारियों के स्तर से नहीं बनाई गई। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद उम्मीद जगी है कि आवारा कुत्तों से निजात लोगों को मिल जाएगी। जिले का ऐसा कोई स्थान नहीं है कि जहां आवारा कुत्तों का आंतक न हो। आवारा कुत्तों के आंतक की वजह से लोग दहशत में रहते है। छोटे बच्चे व वृद्ध लोग अकेले घर से बाहर नहीं जा पाते। आवारा कुत्तों के होने की शिकायत समय समय पर लोगों के द्वारा जिम्मेदार विभागों के अधिकारियों से की जाती रही है,लेकिन कोई ठोस निर्णय आवारा कुत्तों को लेकर नहीं उठाया गया। पिछले दिनों एक पागल कुत्ते ने तमाम लोगों को शिकार...
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