रांची, अगस्त 29 -- रांची, विशेष संवाददाता। आवश्यकता आधारित सहायक प्राध्यापक संघ, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) इकाई की ओर से उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री, झारखंड सरकार का पुतला दहन कर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज किया गया। शिक्षकों का आरोप है कि सरकार उनके योगदान का उचित सम्मान नहीं दे रही है, जबकि झारखंड के सभी विश्वविद्यालय आवश्यकता आधारित सहायक प्राध्यापकों के भरोसे ही चल रहे हैं। उनका कहना था कि पिछले सात वर्षों से उन्होंने राज्य के कॉलेजों का पठन-पाठन संभाला हुआ है। उनकी नियुक्ति यूजीसी और झारखंड सरकार के परिनियमों के अनुसार ही हुई है। वे सहायक प्राध्यापकों की सभी योग्यताओं को पूरा करते हैं। इसलिए शिक्षकों की मांगों पर सरकार सहानुभूतिपूर्वक विचार करे। उन्होंने मांग की कि उन्हें समान कार्यों के लिए समान वेतन दिया जाए ...