कानपुर, जनवरी 10 -- कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के वैज्ञानिकों ने आलू फसल में झुलसा रोग लगने की संभावना जताई है। डॉ. केशव आर्य और डॉ. अजय यादव ने बताया कि मौसम को देखते हुए किसानों को पछेती झुलसा रोग से बचाव करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सायमोक्सनिल के साथ मैंकोजेब 2.5 ग्राम दवा प्रति लीटर पानी की दर से अथवा एजोक्सीस्ट्रॉबिन के साथ टीनूकोनाजोल एक ग्राम दवा प्रति लीटर पानी मिलाकर घोल का छिड़काव करें। इसके अलावा क्लोरोथेलोनील नाम की दवा ढाई ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाएं और मल्टी माइक्रोन्यूट्रिएंट का उपयोग करें।

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