जमशेदपुर, दिसम्बर 5 -- जमशेदपुर, प्रमुख संवाददाता आलिम और फाजिल डिग्रियां इस्लामी शिक्षा से जुड़ी हैं, जो पारंपरिक मदरसों द्वारा प्रदान की जाती हैं। हाल ही में झारखंड में इन डिग्रियों की मान्यता को लेकर विवाद शुरू हुआ है, जिससे कई छात्रों की नौकरी की पात्रता प्रभावित हुई है। सहायक आचार्य भर्ती 2023 में सफल आलिम और फाजिल डिग्रीधारियों के दस्तावेज के सत्यापन को लेकर नियुक्ति रोक दी गई। सुप्रीम कोर्ट के फैसले (अंजुम कादरी बनाम भारत संघ, 5-11-2024) का हवाला देते हुए इसकी मान्यता को रद्द कर दिया गया। कहा गया कि आलिम और फाजिल की डिग्रियां नियुक्ति के लिए मान्य नहीं हैं। इससे सैकड़ों सफल अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। मामले में अब झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन हिदायतुल्लाह ख़ान ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र लिखा है। ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.