मुरादाबाद, नवम्बर 9 -- आर्य समाज का 108 वें वार्षिकोत्सव के तीसरे दिन यज्ञ, भजन, उपदेश के माध्यम से वेदों के महत्व के बारे में बताया गया। इसी के साथ ही यज्ञ का धार्मिक महत्व भी विस्तार से बताया गया। आर्य समाज मंदिर में वार्षिकोत्सव के तीसरे दिन डॉक्टर नैपाल आर्य ने यज्ञ करते हुए यज्ञ के महत्व के संबंध में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यज्ञ का धार्मिक दृष्टि से भी महत्व है और वैज्ञानिक दृष्टि से भी इसके साथ ही वातावरण को शुद्ध करने में यज्ञ का विशेष महत्व माना जाता है। सांय काल उपदेशक गीतांजलि शास्त्री द्वारा आर्य समाज के उत्थान हेतु गीत प्रस्तुत किए गए, उन्होंने उपदेश के माध्यम से बताया आर्य समाज में वेदों का सर्वोच्च महत्व है। उन्होंने बताया कि वेदों को धार्मिक, सामाजिक और नैतिक ज्ञान का आधार माना जाता है। उन्होंने बताया कि ईश्वर का ...