नई दिल्ली, जनवरी 13 -- खबर बीजिंग से है। दुनिया के सामने चीन खुद को आधुनिकता, तेज रफ्तार विकास और आर्थिक महाशक्ति के रूप में पेश करता रहा है। ऊंची गगनचुंबी इमारतें, बुलेट ट्रेनों का विशाल नेटवर्क और वैश्विक बाजारों में बढ़ती मौजूदगी उसकी इसी छवि को मजबूत करती हैं, लेकिन इस चमक के पीछे एक ऐसी सच्चाई छिपी है, जो आने वाले समय में बड़े आर्थिक संकट का कारण बन सकती है। ब्लूमबर्ग और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की ताजा रिपोर्ट्स ने साफ किया है कि चीन की अर्थव्यवस्था भीतर से कमजोर होती जा रही है और कर्ज का बोझ खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन इस वक्त डिफ्लेशन यानी अपस्फीति की चपेट में है। बाजारों में सामान की कोई कमी नहीं है, लेकिन ग्राहक लगातार गायब होते जा रहे हैं। अतिरिक्त उत्पादन क्षमता के चलते चीन में करीब 70 रोजम...