बागपत, मार्च 4 -- दुष्कर्म, छेड़खानी के पीड़ित और जातिसूचक शब्दों से अपमानित अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लगभग 70 लोग सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता का इंतजार कर रहे हैं। इनको समाज कल्याण विभाग से एक से लेकर आठ लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलनी है। विभाग की लापरवाही के कारण पीड़ित लोगो को धनराशि जारी नहीं की गई है। इस वजह से पीड़ित पूर्व समाज कल्याण अधिकारी रश्मि यादव के जाने के बाद 7 माह से पीड़ित अफसरों के चक्कर काट रहे हैं। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों के साथ अत्याचार व आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम-1989 में मदद का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत पीड़ित व्यक्तियों व परिवारों को निर्धारित समय में समाज कल्याण विभाग से आर्थिक मदद दी जाती है। बीते सात महीने में विभाग के सामने ऐसे लगभग 70 ...