भागलपुर, मई 17 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। अवैध कार्य में संलिप्तता। पैसे का लोभ। संपत्ति अर्जित करने की आकांक्षा। आम लोगों की बात नहीं सुनना। पीड़ितों को फटकार कर भगा देना। आरोपियों से मेल रखना। ये कुछ ऐसे आरोप हैं जो थानेदारों का पीछा नहीं छोड़ रहे। इन आरोपों में घिरने की वजह से आधे से ज्यादा थानेदार अपना कार्यकाल भी पूरा नहीं कर पाते। या तो वे लाइन हाजिर कर दिए जाते हैं या निलंबन की तलवार का शिकार होते हैं। सुल्तानगंज सहित इन थानों के थानेदार ऐसे ही आरोप में समय से पहले नप गए गुरुवार को सुल्तानगंज थानेदार इंस्पेक्टर विवेक जायसवाल को सिर्फ चार महीने में ही लाइन हाजिर कर दिया गया। उनपर लगातार कई गंभीर आरोप लगे थे। गुरुवार को ही अंतीकचक के थानेदार आशुतोष कुमार को छेड़खानी के आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई नहीं करने के आरोप में सस्पेंड किया गया...
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