नई दिल्ली, अगस्त 25 -- सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि अपराध के पीड़ित और उनके कानूनी उत्तराधिकारी आरोपियों को बरी किए जाने के खिलाफ अपील दायर कर सकते हैं। न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति को सीआरपीसी की धारा 374 के तहत अपील करने का अधिकार है और इस पर कोई शर्त नहीं है। इसी तरह, अपराध की प्रकृति चाहे जो भी हो, अपराध के पीड़ित को सीआरपीसी के अनुसार अपील करने का अधिकार होना चाहिए। पीठ ने कहा कि अपराध के शिकार व्यक्ति का अधिकार जितना महत्वपूर्ण है उतना ही दोषी के अधिकार को भी महत्व दिया जाना चाहिए। पीठ ने कहा कि हमारा मानना है कि पीड़ित को कम गंभीर अपराध के लिए दोषसिद्धि के खिलाफ, अपर्याप्त मुआवजा दिए जाने के खिलाफ या यहां तक कि बरी किए ...
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