अररिया, नवम्बर 15 -- भरगामा, एक संवाददाता अगर रात में ही पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लेती तो शायद महथावा बाजार के लोग उग्र नहीं होते। बताया जाता है कि घटना की सूचना पर शुक्रवार देर शाम ही भरगामा के थानेदार राजेश कुमार ने सदल बल पुलिस को घटनास्थल पर भेजा था। पुलिस घटनास्थल पर पहुंच मामले का जायजा लिया। जानकारों का कहना है कि गर मामले कि गंभीरता को देखते हुए पुलिसिया कार्रवाई होती तो शायद शनिवार को बाजार में इस तरह का आंदोलन नहीं होता। हालांकि शुक्रवार को पूरे दिन आंदोलनकारी आरोपियों कि गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। बात में शांत हुए।

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