लखनऊ, नवम्बर 17 -- आरटीओ कार्यालय लखनऊ संभाग में डीलएल बनाने, नए डीएल की प्रिटिंग आदि का काम कर रहे निजी स्मार्ट चिप कंपनी के 320 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। इसके लिए आरटीओ ने ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को पत्र लिखा है। आरोप लगाया है कि 10 से 12 साल से यह कर्मचारी काम कर रहे हैं। ऐसे में उनकी सांठगांठ बाहरी व्यक्तियों से बनी रहती है, जिससे विभाग की छवि धूमिल हो रही है। लिहाजा, नए कर्मचारियों को यहां तैनात किया जाए। बताया जाता है कि नई कंपनी के लिए रास्ता बनाने के लिए ही स्मार्ट चिप कंपनी कर्मचारियों को बाहर निकाले जाने की तैयारी की गई है। उधर, निजी कंपनी के कर्मचारियों ने उन्हें न निकाले जाने के लिए परिवहन आयुक्त से गुहार लगाई गई है। नई कंपनी में समायोजित करने का अनुरोध किया है। कहा कि हटाने से उनके सामने परिवार पालने की समस्या आ...