हापुड़, फरवरी 9 -- आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत मुफ्त शिक्षा का लाभ लेने के लिए यदि किसी अभिभावक ने फर्जी आय प्रमाण पत्र लगाया, तो अब सिर्फ आवेदन ही निरस्त नहीं होगा, बल्कि उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। प्रशासन ने इस पर सख्ती दिखाते हुए आरटीई में लगाए गए आय प्रमाण पत्रों की रैंडम जांच कराने का निर्णय लिया है। अब तक की व्यवस्था में यदि किसी छात्र का आय प्रमाण पत्र फर्जी पाया जाता था तो केवल उसका आवेदन रद्द कर दिया जाता था। इससे गलत तरीके से लाभ लेने वालों के हौसले बढ़ते जा रहे थे। अब आदेश जारी कर दिए गए हैं कि फर्जी प्रमाण पत्र पाए जाने पर अभिभावक के साथ-साथ प्रमाण पत्र जारी करने में शामिल जन सेवा केंद्र संचालक पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एबीएसए सर्वेश कुमार ने बताया कि तहसील से जारी प्रमाण पत्रों की रैंडम जांच की ज...