हापुड़, अप्रैल 11 -- आरटीई के तहत चयनित बच्चों को पब्लिक स्कूलों ने प्रवेश नहीं दिया तो कार्रवाई होगी। इस संबंध में बीएसए ने शिकायत के लिए दो मोबाइल नंबर जारी किए हैं। इन पर आने वाली शिकायतों पर कार्रवाई होगी। बीएसए रीतू तोमर ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत नि:शुल्क प्रवेश के लिए प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चरण की प्रक्रिया गतिमान है। लॉटरी में चयनित लाभार्थियों को विद्यालय द्वारा नि:शुल्क प्रवेश दिया जाना है, लेकिन कुछ विद्यालयों द्वारा मनमाने तरीके से आरटीई के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है अथवा प्रवेश करने के लिए शुल्क की मांग की जा रही है। जबकि यदि नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत प्रवेशित बच्चों से प्रबंधक के द्वारा शुल्क की मांग की जाती है तो उनके खिलाफ कार्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.