नई दिल्ली।, जनवरी 29 -- सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा में आरक्षण के लिए धर्मांतरण के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। कोर्ट ने इसे नए किस्म का फर्जीवाड़ा करार दिया है, जहां कथित तौर पर प्रभावशाली जातियों के लोग केवल अल्पसंख्यक आरक्षण का लाभ लेने के लिए बौद्ध धर्म अपना रहे हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने हरियाणा के मुख्य सचिव से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इस मामले की सुनवाई प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्य बागची की पीठ कर रही थी। मामला हिसार के निखिल कुमार पुनिया नामक छात्र से जुड़ा था, जिसने बौद्ध धर्म का हवाला देकर अल्पसंख्यक कोटे के तहत दाखिले की मांग की थी। सुनवाई के दौरान जब CJI ने याचिकाकर्ता के सामाजिक बैकग्राउंड पर सवाल किया, तो वकील ने बताया कि वह जाट पुनिया समुदाय से हैं। इस पर CJI ने तीखी ...