उन्नाव, नवम्बर 9 -- उन्नाव। गांवों को साफ एवं अपशिष्ट से खाद बनाने के मकसद से लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए आरआरसी सेंटर बेमकसद साबित हैं। किसी सेंटर में ताला है तो कई अधूरे हैं। अधिकतर सेंटर में कूड़े का तिनका नहीं डाला। सफाई कर्मी कूड़ा को सेंटर में न डालकर इधर-उधर डम्प कर रहे हैं। यह हाल 1037 ग्राम पंचायतों में बने एक दो आरआरसी सेंटर का नहीं है बल्कि अधिकांश दुर्दशा की बांट जोह रहे हैं। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' ने कई सेंटरों की पड़ताल की तो हकीकत सामने आई। पेश है रिपोर्ट...। बांगरमऊ : अधिकांश सेंटरों पर पड़ा ताला, कोई नहीं देखने वाला आरआरसी सेंटरों में कूड़ा प्रबंधन के दावे पूरी तरह से फेल हैं। यहां पर कुरसठ, गौरिया कला, शादीपुर आदि ग्राम पंचायतों में बने सेंटर पर कूड़ा प्रबंधन नहीं हो रहा है। अधिकांश में ताला लगा हुआ है। गांव वाले कूड़ा...
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