गोरखपुर, अगस्त 27 -- भटहट, हिन्दुस्तान संवाद। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय में दवाओं के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए आवश्यक मशीने लगाई जा रही हैं। अब तक लगाई गई मशीनों से चूर्ण बनाने का कार्य आरम्भ हो गया है। पहली बार अश्वगंधा का चूर्ण तैयार कराकर फार्मेसी में भेजा गया है। इससे मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है। यहां शुगर, पेट, जोड़ों के दर्द, ताकत, हृदय आदि रोगों में दिए जाने वाले चूर्ण बनाने के लिए औषधियां बड़ी मात्रा में मंगा ली गई हैं। आयुष विवि का एक जुलाई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा भव्य लोकार्पण किया गया था। इसके बाद यहां ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। यहां आयुर्वेदिक औषधि निर्माण के लिए मशीनें गुजरात से मंगा ली गई है। औषधि निर्माण के लिए बीएचयू बनारस से राजेन्द्र कुमार एवं मनीष कुमार को निय...
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