बरेली, फरवरी 7 -- आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों की भूमिका और जमीनी सच्चाई पर लोकसभा में उठे सवालों ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है। आंवला सांसद नीरज मौर्य के प्रश्न के जवाब में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि कागजों पर अस्पतालों की लंबी फेहरिस्त जरूर है, लेकिन पिछड़े जिलों में स्वास्थ्य सुविधाएं अब भी नाकाफी हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने संसद में जानकारी दी कि 31 दिसंबर 2025 तक देशभर में 15,733 और उत्तर प्रदेश में 1,591 निजी अस्पताल आयुष्मान भारत योजना से पैनलबद्ध हैं। इनमें से 7,247 अस्पताल तीन वर्षों में जोड़े गए हैं लेकिन जिलेवार आंकड़े तस्वीर का दूसरा पहलू दिखाते हैं। बरेली में जहां 209 अस्पताल सूचीबद्ध हैं, वहीं शाहजहांपुर में महज 24 और बदायूं में सिर्फ 14 अस्पतालों को योजना से जोड़ा गया है।...
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