नई दिल्ली, फरवरी 9 -- आयकर विभाग जल्द ही भारत के डायरेक्ट टैक्स आधार को व्यापक बनाने और अनुपालन बेहतर करने के प्रयास में वस्तु एवं सेवा कर (GST) के डेटा का गहन विश्लेषण शुरू कर सकता है। यह जानकारी इस योजना से अवगत दो लोगों ने दी है। इसका उद्देश्य डायरेक्ट टैक्स प्रणाली की तकनीकी क्षमता और डेटा स्टोरेज का लाभ उठाना है, जिसे अनौपचारिक क्षेत्र को औपचारिक अर्थव्यवस्था में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने में सहायक माना जाता है।टैक्स रेट में कटौती के बाद रेवेन्यू बढ़ाने की जरूरत आयकर विभाग का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब इस वित्तीय वर्ष में व्यक्तियों के लिए कर दरों में भारी कटौती ने आयकर रेवेन्यू ग्रोथ को मध्यम स्तर पर ला दिया है। जीएसटी प्रणाली में उत्पादन मूल्य श्रृंखला के हर चरण, सामानों की ढुलाई और एक निर्दिष्ट पोर्टल पर थोक लेनदेन की ...