नई दिल्ली, फरवरी 1 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। आयकर का भुगतान न करने और जानबूझकर चोरी करने के मामलों को लेकर केंद्र सरकार ने बजट में विशेष प्रावधान किए हैं। अब आयकर चोरी के छोटे मामलों में सजा की बजाय जुर्माने का प्रावधान कर दिया गया है। इससे अदालतों में मुकदमों का बोझ घटेगा। अधिवक्ता राजेश कौशिक ने सरकार के इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि दिल्ली की जिला अदालतों में अभी आयकर चोरी के करीब 36 हजार मामले लंबित हैं। इनमें अधिकतम आयकर चोरी के छोटे मामले हैं। बजट में नए प्रावधान से करीब 85 फीसदी मामलों में जुर्माना लग जाएगा। इससे अदालतों का काम भी कम होगा। बता दें कि आयकर चोरी के मामलों में दोषी पाए जाने पर अब तक अधिकतम सात साल तक की सजा का प्रावधान था। लेकिन नए बजट सत्र के हिसाब से अब इस तरह के मामलों में दोषी पाए जाने पर दो साल तक ...
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