शाहजहांपुर, फरवरी 21 -- जनपद में आम की गुणवत्तायुक्त पैदावार के लिए इस समय कीट एवं रोगों का समुचित प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। जिला उद्यान अधिकारी पुनीत पाठक ने आम के पेड़ में कीट लगने से होने वाली हानियों से बचने के लिए जानकारी देते हुए सावधानी बरतने को जागरूक किया है। उन्होंने बताया कि बौर निकलने से लेकर फल लगने तक की अवस्था बहुत संवेदनशील होती है। इस दौरान भुनगा, मिज कीट, थ्रिप्स, कैटरपिलर (ब्लैक इंच वर्म) तथा खरी रोग से फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है। उन्होंने बताया कि आम के बागों में भुनगा कीट कोमल पत्तियों एवं छोटे फलों का रस चूसकर हानि पहुंचाता है, जिससे प्रभावित भाग सूखकर गिर जाता है। यह कीट मधु जैसा पदार्थ छोड़ता है, जिस पर काली फफूंद जम जाती है और प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया प्रभावित होती है। वहीं मिज कीट मंजरियों व कोम...