पूर्णिया, नवम्बर 26 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। कृषि विभाग ने आम की खेती करने वाले किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है और कहा है कि आम की बागवानी में शीत ऋतु की शुरुआत किसान के लिए तैयारी का मौका होता है। इस समय पौधों की जड़ों में नमी संतुलित रखने पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए। बड़े पेड़ के लिए महीने में एक बार और छोटे पौधों के लिए पंद्रह से बीस दिन में हल्की सिंचाई लाभकारी होती है। खेत में पानी का भराव किसी भी हालत में न होने दें, क्योंकि इससे जड़ सड़ने का खतरा बढ़ जाता है। पेड़ों के तनों के चारों ओर 8-10 सेंटीमीटर मोटी धान की भूसी डालकर नमी संरक्षण किया जा सकता है। कृषि वैज्ञानिक डॉ विनोद कुमार बताते हैं कि अक्टूबर-नवंबर में प्रति पेड़ 10-15 किलो सड़ी गोबर खाद, 250-350 ग्राम नाइट्रोजन, 150-200 ग्राम फास्फोरस और 250-300 ग्राम पोटाश...
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