प्रयागराज, जनवरी 25 -- हिन्दुस्तानी एकेडेमी में आयोजित भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के जंयती समारोह के दूसरे दिन रविवार को वक्ताओं ने जननायक कर्पूरी ठाकुर के बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि गोरखपुर विवि की प्रो. रंजन लता ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर के अंदर समन्वय की भावना थी। वे समाज के अंतिम छोर पर खड़े लोगों के हित में सदैव समर्पित रहे। उन्होंने जो कुछ फैसले लिए वह आम आदमी के जीवन को आसान बनाने के लिए रहा। संगोष्ठी के संयोजक डॉ. प्रमोद शर्मा ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर सादगी, ईमानदारी और सामाजिक न्याय के पुरोधा थे। स्वतंत्रता के आंदोलन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। प्रो. शर्मा ने विश्वविद्यालयों में कर्पूरी ठाकुर की चेयर को स्थापित किए जाने की मांग की। इस मौके पर शोधार्थयों ने शोध पत्र प्रस्तुत किए। संचालन डॉ. नरेंद्र कुमार ...