चतरा, नवम्बर 3 -- टंडवा निज प्रतिनिधि आम्रपाली में 291 ठेका मजदूरों के बीएलए कंपनी में समायोजन को लेकर खनन कंपनी बीएलए और झारखंड ग्रामीण मजदूर संघ आमने सामने हैं। ठेका मजदूर संघ द्वारा छह नवंबर से माइंस बंद करने का अल्टीमेटम देने से सीसीएल चिंतित और परेशान हैं। बताया गया कि 25 सितंबर को महाप्रबंधक और खनन कंपनी ने छंटनी ग्रस्त 50 फीसदी वर्करों को रोजगार देने का लिखित एग्रीमेंट किया था तो अब इंकार क्यों? इस सवाल पर हिन्दुस्तान ने खनन बीएलए कंपनी के अधिकारी टीके राव से पुछा तो उनका कहना है कि काम कर चुके ठेका मजदूरो से जरूरी दस्तावेज कंपनी की ओर से मांगा गया है। जो फिलहाल नहीं मिला है। उनका कहना है कि कंपनी में काम करने से पहले हर वर्कर का दस्तावेज जैसे सैलरी स्टेटमेंट ,आधार कार्ड, वोटर कार्ड जैसी दस्तावेज मांगे गये है। हमने पूर्व के बैठक मे...