बिजनौर, जून 26 -- चांदपुर के गुलाब सिंह हिन्दू स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. साधना ने कहा कि आपातकाल के दौरान जनता में भय का माहौल बन गया था। लोग सरकार की आलोचना करने से डरते थे, जिससे सामाजिक संवाद घटा और एक-दूसरे पर अविश्वास बढ़ा। चांदपुर के गुलाब सिंह हिन्दू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 'आपातकालीन स्थिति और समाज' विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने आपातकाल के समय सामाजिक, संवैधानिक और व्यक्तिगत अधिकारों अपने विचार रखे। डा. मीनाक्षी चौहान ने कहा कि आपातकाल में संविधानिक मूल्यों की अनदेखी की गई और मौलिक अधिकारों को स्थगित कर दिया गया। प्रेस पर सेंसरशिप लगाए जाने के कारण लोगों को सही सूचना नहीं मिल पाई, जिससे सरकार के प्रति अविश्वास गहराया। मौहम्मद आरिफ ने कहा कि आपातकाल के दौरान अनेक लोगों को बिना आरोप जेल में डाल दिया...
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