ठाकुर सिंह नेगी। देहरादून, अक्टूबर 31 -- देहरादून से मसूरी का सफर इन दिनों खतरे से भरा है। हालिया आपदा के बाद 35 किमी लंबी दून-मसूरी रोड पर करीब 10 डेंजर जोन बन चुके हैं। कुठालगेट से लेकर मसूरी तक हर तीन किमी पर एक खतरनाक मोड़ (डेंजर जोन) है। कोल्हूखेत, ग्लोगी और कुठालगेट-शिव मंदिर क्षेत्र सबसे जोखिम भरे हैं। यहां सड़क धंसने के साथ ही पहाड़ी से मलबा गिरने का खतरा है। ट्रीटमेंट के चलते रोज जाम लग रहा है, जिससे लोग परेशान हैं। वीकेंड पर भी लोगों को जाम से दो-चार होना पड़ता है। कुठालगेट के पास आपदा के समय पुल क्षतिग्रस्त होने पर वैली ब्रिज बना था। दबाव बढ़ने से यह हिस्सा जाम का कारण बना है।कोल्हूखेत: ऊपर से झरना, नीचे धंसी सड़क आपदा में कोल्हूखेत की सड़क धंसी थी। लोनिवि दीवार और पुश्ता बनाकर मरम्मत कर रही है, मगर यह सड़क सिंगल लेन है। ऊपर से...
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