समस्तीपुर, दिसम्बर 13 -- आपदा की घड़ी में जब कोई साथ नहीं होता, तब कुछ लोग अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की जान बचाते हैं। आपदा मित्रों ने बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तहत प्रशिक्षण लेकर समस्तीपुर जिले में हर संकट की घड़ी में लोगों की मदद की। चाहे बाढ़ हो या तूफान, पर्व-त्योहार की भीड़ हो या किसी दुर्घटना की घड़ी,आपदा मित्र हमेशा तैयार रहते हैं। लेकिन अफसोस की बात है कि जो लोग दूसरों की जान बचाते हैं, आज वे खुद अपने हक और मानदेय के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार की अनदेखी ने उनकी पीड़ा और बढ़ा दी है। संवाद के दौरान आपदा मित्रों ने अपनी परेशानी बताई। बाढ़, तूफान, आंधी या पर्व-त्योहार, हर आपदा में सबसे आगे रहकर लोगों की जान बचाने वाले आपदा मित्र आज खुद ही उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। वर्ष 2023 में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्...