संवाददाता, अप्रैल 23 -- पहलगाम में पर्यटकों को नाम पूछ कर ही गोली नहीं मारी गई बल्कि महिलाओं को जिंदा छोड़ने के पीछे की घृणित मानसिकता भी जाहिर की गई। शुभम के चचेरे भाई सौरभ द्विवेदी ने बताया कि भाभी एशान्या ने बिलख-बिलख कर वहां का घटनाक्रम बताया। एशान्या ने सौरभ को बताया कि आतंकी कह रहे थे कि कलमा पढ़ो तो गोली नहीं मारेंगे। शुभम को गोली मारने के बाद आतंकियों ने एशान्या से कहा, हम आपको जिंदा छोड़ रहे हैं ताकि जाकर आप अपनी सरकार को बताएं कि आपके साथ क्या हुआ है। उसके बाद आतंकी भागे और भगदड़ मच गई। शुभम को सिर पर गोली मारी गई। सौरभ ने कहा कि हम प्रधानमंत्री, गृहमंत्री से प्रार्थना करते हैं कि भाई का शव जल्द से जल्द घर भेज दिया जाए। औपचारिकताओं में विलंब न किया जाए। उन्होंने बताया कि भाई भाभी इससे पहले एक फॉरेन ट्रिप पर जा चुके थे। पहली बार वे फ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.