बेगुसराय, नवम्बर 8 -- सिमरिया धाम, एक संवाददाता। आदि कुंभस्थली सिमरिया गंगातट पर देश के विभिन्न हिस्सों के अलावा पड़ोसी देश नेपाल से भी सैकड़ो भक्त व साधु-संत पर्ण-कुटीर बना भगवान का पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन व प्रवचन में लीन हैं। यहां लोग अपने घर के सारे सुख-सुविधाओं को त्याग कर इस पुनित कार्तिक कल्पवास मेला में सिमरिया गंगानदी तट पर साधना करने में जुटे हुए हैं। इस साल सात अक्टूबर से शुरू होकर 17 नवंबर तक चलने वाले कल्पवास मेला में पूर्णिमा से पूर्णिमा तक कल्पवास करने वाले श्रद्धालु कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही उनका कल्पवास का नियम पूरा होने के बाद अपने-अपने घर चले गए। वहीं संक्रांति से संक्रांति तक कल्पवास करने वाले श्रद्धालु 17 नवम्बर को कल्पवास का नियम पूरा होने के बाद घर के लिए प्रस्थान कर जाएंगे। विदित हो कि राजकीय कल्पवास मेला सिमरिया के गं...
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