नई दिल्ली, फरवरी 5 -- संसदीय समिति का मानना है कि आधी बर्थ देकर रेलवे का पूरा किराया वसूलना यात्रियों के लिए न्यायसंगत नहीं है। ऐसे में रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन (आरएसी) टिकट के कंफर्म न होने पर रेलवे को किराये का कुछ हिस्सा यात्री को वापस करने के लिए तंत्र विकसित करना चाहिए। लोक लेखा समिति (पीएसी) ने बुधवार को संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा कि आरएसी के तहत टिकटों के लिए पूरा किराया वसूलना, जिसमें चार्ट बनने के बाद यात्री को पूरी बर्थ नहीं मिलती है, उचित नहीं है। मौजूदा प्रणाली में रेलवे आरएसी श्रेणी में सीट बुक करने पर यात्री से पूरा किराया वसूलता है, जबकि यात्री को दूसरे के साथ बर्थ साझा करनी पड़ती है। ऐसे में एक सीट के लिए दो यात्रियों को पूरा किराया देना पड़ता है। समिति ने रेलवे से यात्री को आंशिक किराया वापस करने संबंध में उठाए ...