गंगापार, फरवरी 8 -- पहचान के अभाव में योजनाओं से दूर रहे बनवासी परिवारों के लिए अब उम्मीद की नई सुबह आकार ले रही है। प्रशासनिक निर्देशों और सामाजिक सहभागिता से वह प्रक्रिया तेज हुई है जो उन्हें अधिकारों की मुख्यधारा से जोड़ने का आधार बनेगी। सदियों से उपेक्षा और अभाव के बीच जीवन यापन कर रहे बनवासी समाज के लिए उनकी पहचान और अधिकार का द्वार खुलने लगा है। प्रशासनिक संकल्प, सामाजिक सहभागिता और ग्राम स्तर की पहल ने मिलकर उन परिवारों के लिए आशा का मार्ग प्रशस्त किया है, जो अब तक सरकारी योजनाओं से दूर थे। बनवासी समाज के सैकड़ों परिवारों के लिए यह प्रक्रिया अब वास्तविकता का रूप लेने लगी है। जिलाधिकारी प्रयागराज के निर्देशों के क्रम में तहसील हंडिया अंतर्गत विकास खंड प्रतापपुर क्षेत्र के सोरों, बजती, रस्तीपुर, मीरपुर, बघेड़ी, बेला, सदरेपुर, तारापुर ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.