विधि संवाददाता, फरवरी 8 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट जज द्वारा साइटेशन में सुप्रीम कोर्ट जजों का नाम लिखने की निंदा की है। कोर्ट ने कहा कि यह प्रथा न्यायिक अधिकारियों के लिए उचित नहीं है। कोर्ट ने ऐसी गलती न दोहराने की नसीहत दी और आदेश की कॉपी सभी जिला जजों को भेज 18 फरवरी को अनुपालन रिपोर्ट मांगी है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति समित गोपाल ने प्रियांक कुमार की याचिका खारिज करते हुए की है। प्रियांक कुमार बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य के मामले में मेरठ की अदालत में आदेश की समीक्षा करते हुए कोर्ट ने कहा कि आदेश के अंतिम पैराग्राफ से पता चलता है कि पुनरीक्षण अदालत ने सुप्रीम कोर्ट जजों के नामों का उल्लेख किया है, जिन्होंने मामले का फैसला किया था। आदेश में केवल केस नंबर, पार्टी का नाम और फैसले की तारीख के साथ जिस टेक्स्ट पर भरोसा किया गया ...