मेरठ, सितम्बर 7 -- मेरठ। शहर के दिगंबर जैन मंदिरों में चल रहे दशलक्षण पर्व का शनिवार को समापन हुआ। दशलक्षण पर्व के अंतिम धर्म उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की पूजा अर्चना की। मंदिरों में विधान कर अर्घ चढ़ाए गए। विधानाचार्यों ने श्रद्धालुओं को उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म का महत्व बताते हुए कहा कि उत्तम ब्रह्मचर्य का अर्थ इंद्रियों और भावनाओं पर नियंत्रण रखकर आत्मा में लीन होना है, जिससे मानसिक और आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है और जीवन में संयम आता है। इसमें शारीरिक संयम के साथ मानसिक शुद्धि और आत्मिक उत्थान पर भी ध्यान केंद्रित किया जाता है, जिससे मनुष्य अपनी इच्छाओं पर विजय पाता है और आंतरिक शांति और आत्म ज्ञान प्राप्त करता है। शाम को मंदिरों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया। -- असौडा हाउस जैन मंदिर शांतिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर असौड़ा हाउस में द...
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