बिजनौर, दिसम्बर 28 -- सतपुरुष बाबा फुलसन्दे वालो ने कहा कि संयम और ब्रह्मचर्य से स्वर्ग के देवता एवं पृथ्वी पर रहने वाले व्यक्ति भी अमरतत्व को प्राप्त करते हैं। हमें आत्मा के मोती को धुलते रहना चाहिए। इसे स्वच्छ रखना चाहिए। इसके लिए हमें परमेश्वर का नित्य ध्यान और सुमिरन करना होगा। रविवार को फुलसंदा आश्रम में आयोजित सत्संग कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए बाबा फुलसंदे वालों ने कहा कि मन तीन प्रकार का होता है। एक प्रकार का मन पर्वत के समान अचल होता है, अतएव उसको कोई चलायमान नहीं कर सकता। दूसरा मन वृक्ष जैसा होता है, अतएव उसको बाह्य संयोग रूपी पवन बराबर संचालित करती रहती है। तीसरे प्रकार का मन तिनके के समान होता है, उसको बाह्य संयोग रूपी पवन जिधर चाहता है उधर ही उड़ जाता है। उन्होंने कहा कि जब हमारी आत्मा का अंधकार मिट जाता है, ...