मिर्जापुर, नवम्बर 11 -- लालगंज। जब प्रेम और भक्ति एक हो जाते हैं तब स्वयं भगवान भी अपने भक्तों के बीच उतर आते हैं। वृंदावन धाम से आए कथा वाचक भरत कृष्ण शास्त्री महाराज ने सोमवार को लहंगपुर बाजार में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन प्रवचन कर रहे थे। उन्होने महारास, कंस वध और रुक्मिणी विवाह जैसे प्रसंगों को प्रवचन में सुनाया। इससे श्रद्धालु भावविभोर हो गए। सुबह से ही पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही और हरि बोल के जयघोष से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा। भरत कृष्ण शास्त्री ने महारास प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का यह रास केवल नृत्य नहीं बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। जब गोपियों ने अपना सर्वस्व भगवान के चरणों में समर्पित कर दिया तब श्रीकृष्ण ने प्रत्येक गोपी के साथ रास रचाकर यह संदेश दिया कि भग...
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