कानपुर, अप्रैल 23 -- कानपुर के शुभम द्विवेदी की 12 फरवरी को ही शादी हुई थी। उनकी और पत्नी ऐशान्या की बहुत इच्छा थी कि वे कश्मीर घूमने जाएं। मन में तमाम खुशियां और शानदार नजारे देखने की चाहत लेकर वे पहलगाम पहुंचे तो वहां आतंकी हमले में शुभम मारे गए। कारोबारी शुभम द्विवेदी उन 26 मासूम लोगों में से एक थे, जिन्हें आतंकवादियों ने उनका धर्म पूछकर मार डाला। उनकी पत्नी ऐशान्या ने पति के खौफनाक कत्ल की कहानी सुनाई है। ऐशान्या ने रोते हुए बताया, 'हम घोड़ों से उतरे ही थे और गेट की तरफ पैदल जा रहे थे। शुभम अपनी बहन सांभवी के साथ बैठे थे। इसी दौरान एक शख्स आया और उसने पूछा- हिंदू हो या मुसलमान? हम लोगों में से कोई भी नहीं समझ पाया कि वह क्या कहना चाहता है। हमें लगा कि शायद मजाक कर रहा है।' हिन्दुस्तान टाइम्स के संवाददाता से बातचीत में ऐशान्या ने कहा, ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.