नई दिल्ली, नवम्बर 13 -- दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास सोमवार शाम को हुए जोरदार धमाके ने पूरे देश को हिला दिया। अब जांच में खुलासा हो रहा है कि इस 'व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल' के पीछे चार डॉक्टर थे, जिन्होंने मिलकर 26 लाख रुपये से ज्यादा की रकम इकट्ठा की। इन पैसों से ही बम बनाने की सामग्री खरीदी गई। ये पैसा कैश में जमा किया गया और एक डॉक्टर को सौंपा गया, जो ऑपरेशन का 'खजांची' बना।डॉक्टरों ने मिलकर जुटाए पैसे जांच अधिकारियों के मुताबिक, चारों आरोपी डॉ. मुजम्मिल गनी, डॉ. अदील अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद और डॉ. उमर नबी ने मिलकर ये मोटी रकम जुटाई। ये पैसा डॉ. उमर को दिया गया, जो इसे संभालता और इस्तेमाल करता था। उमर पुलवामा (जम्मू-कश्मीर) का रहने वाला है और हरियाणा के फरीदाबाद में अल फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर था। यही उमर उस हुंडई ...
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