उन्नाव, अप्रैल 27 -- उन्नाव। भारतीय संस्कृति संसार की एक महान विराट संस्कृति है। जिसमें परस्पर प्रेम, एकता, शील, करुणा व सौहार्द के साथ आपस में रहने की शिक्षा मिलती है|। राष्ट्र की एकता और अखंडता के गंभीर स्वर हमारी संस्कृति में विद्यमान है|। राष्ट्र पहले है हम बाद में है। यह पवित्र भाव राष्ट्र के प्रत्येक नागरिक के अंत:करण में विद्यमान होना चाहिए।जीवन में तप और त्याग की भावना प्रत्येक राष्ट्रवासी के मन मे होनी चाहिए। यह विचार विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने एसवीएम इंटर कॉलेज में शिक्षाविद एवं लेखक नरेन्द्र भदौरिया की 15वीं पुस्तक के विमोचन पर रखें। शनिवार को कार्यक्रम में सतीश महाना ने कहा हमारी महान संस्कृति समन्वय पाठ पढ़ाती है|। हमारे राष्ट्र पर कुदृष्टि डालने वालों को मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। आतंकवाद अलगाववाद को हमारा देश कभी बर्दाश्त...
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