प्रयागराज, मार्च 9 -- प्रयागराज, कार्यालय संवाददाता। डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में 'कानून, प्रौद्योगिकी और सतत विकास विषय पर आयोजित तीन दिनी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन रविवार को हुआ। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति पंकज मित्थल ने कहा कि महिलाओं और विकलांग व्यक्तियों के लिए बेहतर पहुंच को न्यायपालिका में प्रौद्योगिकी का परिणाम बताया। आगे कहा कि लॉ स्कूल कानूनी विचारों का उद्गम स्थल हैं, इसलिए वकीलों के लिए यह सीखना आवश्यक है कि आने वाली नीतियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता को कैसे शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि नवाचार के साथ समान अवसर पैदा करना सतत विकास की कुंजी है। कानूनी पेशा पर्यावरण के अनुकूल समाज बनाने में स्तंभ के रूप में खड़ा है। हमारा आज का योगदान बेहतर कल की नींव रखेगा। सूंगसिल विश्वविद्यालय कोरिया के प्र...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.